आखीर क्यों बप्पी लाहिड़ी पहनते थे इतना सारा सोना? उनके पीछे भी थी एक खास वजह…

देश में डिस्को म्यूजिक के लिए लोगों को दीवाना बनाने वाले मशहूर संगीतकार बप्पी लाहिड़ी का निधन हो गया है। वह 69 साल के थे। मंगलवार रात बप्पी लाह‍िड़ी की तबीयत अचानक काफी ब‍िगड़ गई। उन्हें अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने की काफी कोश‍िश की पर नाकामयाब रहे। बप्पी लाह‍िड़ी पिछले कुछ समय से बीमार थे। उन्हें पिछले साल से ही अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा था। गत वर्ष जब सिंगर में कोरोना के हल्के लक्षण नजर आए थे, तब भी उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। वे ब्रीच कैंडी अस्पताल में डॉक्टर्स की निगरानी में थे।

2014 में बप्पी लाहिड़ी के पास 754 ग्राम सोना था और 4.62 किलो चांदी और 4 लाख रुपए के हीरे थे। हालांकि अब उनकी इस संपत्ति में बदलाव हो गया होगा। बप्पी दा की ही तरह उनकी पत्नी चित्रानी लाहिड़ी भी सोने और डायमंड की शौकीन हैं। बप्पी दा अपनी आवाज के अलावा भारी भरकम सोने के गहने पहनने के कारण भी अपनी अलग पहचान रखते थे। वह अपने हाथों और अंगुलियों में भी अंगूठी व कड़े पहने रखते थे। आपको लगता होगा कि बप्पी दा ये सब शौक से पहनते थे तो ऐसा नहीं है।

बप्पी लाहिड़ी अमेरिकन रॉक स्टार एल्विस प्रेसली के बड़े फैन थे। एल्विस अपनी परफॉर्मेंस के दौरान हमेशा सोने की चैन पहना करते थे। एल्विस को देखकर बप्पी दा ने भी सोचा कि जब वो कामयाब हो जाएंगे तो अपनी एक अलग पहचान बनाएंगे। कामयाब होकर बप्पी दा ने सोना पहना, जिससे उन्हें इंडिया का गोल्ड मैन तक कहा जाने लगा। इसी के साथ सिंगर ने बताया कि वो सोने को अपने लिए लक्की मानते हैं।

बप्पी के डिस्को सॉन्ग बेहद पसंद किए जाते हैं। वह फिल्म इंडस्ट्री में दो तरह का म्यूजिक कंपोज करने के लिए मशहूर रहे। उन्होंने अपने करियर में कई हिट सॉन्ग गाए हैं। साथ ही कई रिएलिटी शो बतौर जज भी किए। बप्पी लाहिड़ी ने 70 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और 80 के दशक में वे छाए रहे। उन्होंने 3 साल की उम्र में ही तबला बजाना सीख लिया था।

म्यूज‍िक लेजेंड बप्पी लाह‍िड़ी ने 1973 में हिंदी फिल्म ‘नन्हा श‍िकारी’ में अपना पहला म्यूज‍िक स्कोर द‍िया था। हालांक‍ि बीते साल उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि किशोर कुमार की फिल्म बढ़ती का नाम दाढ़ी से उन्होंने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है।

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