अपने शादी के कार्ड के जरिए दूल्हे ने किया सरकार का विरोध, पढ़कर तारीफ करने लगे आने वाले मेहमान…

तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन खत्म होने के एक महीने से अधिक समय के बाद, हरियाणा के एक व्यक्ति ने अपनी शादी मे केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध का एक अनूठा तरीका अपनाया। शादी से दो सप्ताह पहले बहोत सारे विवाह कार्ड प्रिंट करवाये ओर उसमे फसल उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देने वाले कानून की मांग की हे।

प्रदीप कालीरामना, जो की हरियाणा के भिवानी जिले के रहने वालेहे। वह 9 फरवरी को शादी कर रहे हैं। उन्होंने 1,500 शादी के कार्ड छपवाए हैं। सरकार का विरोध करते हुए उसने शादी के कार्ड के ऊपर ‘जंग अभी जारी है, एमएसपी की बारी है’ स्लोगन लिखा। शादी के कार्ड पर एक ‘ट्रैक्टर’ और ‘नो फार्मर्स, नो फूड’ को दर्शाने वाला एक साइनबोर्ड भी प्रदर्शित किया गया है। जो उनकी मानसिकता बताता हे।

कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन 13 महीने तक दिल्ली की सीमाओं पर चला। यह कृषि कानून 5 जून, 2020 को केंद्र सरकार ने संसद मे रखा और 20 सितंबर को लोकसभा के बाद इसे राज्यसभा में पारित किया गया था। आखिर में आंदोलन के सामने हार मानकर सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिया था ओर किसानों की अन्य मांगों पर समझौता भी हुआ।

इस आदोंलन के खतम होने के बाद भी अपनी मांगे रखते हुए प्रदीपने कहा की, “मैं अपनी शादी के कार्ड के माध्यम से यह संदेश देना चाहता हूं कि किसानों के विरोध की जीत अभी पूरी नहीं हुई है।” उसने आगे कहा की, किसानों की जीत तभी घोषित की जाएगी जब केंद्र सरकार गारंटी देने वाले एमएसपी अधिनियम के तहत एक कानून किसानों को लिखित में देगी। एमएसपी पर कानून नहीं बनेगा तो किसानों के पास कुछ भी नहीं रहेगा।

किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान वह दिल्ली की सीमाओं पर गए हे और कई विरोध स्थलों पर बैठकर सभी किसानों को भी अपना समर्थन दिया हे। इसी कारण से उसने एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग करते हुए 1500 शादी के कार्ड छपवाए हे।

 

 

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